📅 Monday, 15 June 2026  |  ⏰ 6:15 pm
ब्रेकिंग
◆ भारत‑फ्रांस ने एंड्रॉइड‑टिंकरींग लैब पुल लॉन्च किया: स्कूलों में नवाचार को मिलेगी नई ऊँचाई ◆ भारत-यूके टेक सहयोग की बड़ी घोषणा! जानिए कौन से क्षेत्रों में मिलेंगे फंड और स्टार्टअप बूस्ट ◆ PM मोदी स्लोवाकिया पहुंचे: ब्रेड‑नमक से स्वागत, 33 साल में पहली बार का ऐतिहासिक दौरा ◆ इथेनॉल से चलने वाली गाड़ियों पर सरकार ने दी हरी ज्वाला! 8 कंपनियों को मिला बड़ा नोटिस ◆ Samsung Galaxy S26 Ultra की कीमत में 19% घातक गिरावट! अब खरीदें सबसे कम दाम पर ◆ अमेरिका‑ईरान शांति समझौता पूर्ण, ट्रम्प ने खुद कहा अब नहीं रहेगी ख़तरनाक नौसैनिक नाकाबंदी
LIVE
हिंदी में हिंदी के लिए N.E.W.S
  • उपकरण
  • वायरल और ट्रेंडिंग समाचार
  • टेक्नॉलजी समाचार
  • व्यक्तिगत वित्त
  • एआई टूल्स और तकनीक
  • स्थानीय समाचार
  • साइबर सुरक्षा

Enter दबाकर खोजें

हिंदी में हिंदी के लिए
  • उपकरण
  • वायरल और ट्रेंडिंग समाचार
  • टेक्नॉलजी समाचार
  • व्यक्तिगत वित्त
  • एआई टूल्स और तकनीक
  • स्थानीय समाचार
  • साइबर सुरक्षा
  1. होम
  2. ›
  3. टेक्नॉलजी समाचार
  4. ›
  5. भारत-यूके टेक सहयोग की बड़ी घोषणा! जानिए कौन से क्षेत्रों में मिलेंगे फंड और स्टार्टअप बूस्ट
भारत-यूके टेक सहयोग की बड़ी घोषणा! जानिए कौन से क्षेत्रों में मिलेंगे फंड और स्टार्टअप बूस्ट
टेक्नॉलजी समाचार

भारत-यूके टेक सहयोग की बड़ी घोषणा! जानिए कौन से क्षेत्रों में मिलेंगे फंड और स्टार्टअप बूस्ट

Ikshita Sharma Ikshita Sharma • 15 June 2026, 5:40 pm • 🕐 16 मिनट • 👁 0
शेयर
कॉपी!

भारत‑यूके टेक सहयोग की बड़ी घोषणा! जानिए कौन‑से क्षेत्रों में मिलेंगे फंड और स्टार्ट‑अप बूस्ट

जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ, भारत और यूनाइटेड किंगडम, मिलकर टेक्नोलॉजी में निवेश करने का फैसला करती हैं, तो इसका असर सिर्फ कंपनियों तक ही सीमित नहीं रहता – यह पूरे एकोसिस्टम को नया जोश, नई नौकरियां और नई तकनीकी रुझान देता है। इस महीने दो देशों के बीच हुए ग्रैंड अनाउंसमेंट में कई बिंदु सामने आए: फंडिंग मैकेनिज्म, प्राथमिकता वाले सेक्टर्स, स्टार्ट‑अप इन्क्यूबेशन, और विशेष ग्रांट‑स्कीम्स। इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि इस सहयोग से किसे क्या‑क्या लाभ मिल रहा है, कौन‑से क्षेत्रों में फंड आएगा, और भारतीय टेक स्टार्ट‑अप्स को इस मौके को कैसे ग्रैब करना चाहिए।

1. भारत‑यूके टेक सहयोग का पैनोरमा: किसके साथ क्यों?

भारत और यूके पहले से ही कई स्तरों पर जुड़े हुए हैं – शिक्षा, हेल्थकेयर, फाइनेंस, और विशेषकर टेक्नोलॉजी में दो तरफा निवेश। इस साल की घोषणा में दो मुख्य उद्देश्य रखे गये हैं:

  • इनोवेशन इकोसिस्टम को सुदृढ़ बनाना: दोनों देशों के रिसर्च संस्थानों, विश्वविद्यालयों, और प्राइवेट सेक्टर को मिलकर नई टेक‑ड्रिवन प्रोडक्ट्स और सेवाएँ विकसित करने को प्रोत्साहित करना।
  • स्टार्ट‑अप्स को ग्लोबली कॉम्पिटिटिव बनाना: फंडिंग, मेंटरशिप और मार्केट एक्सेस के माध्यम से भारतीय स्टार्ट‑अप्स को यूके और यूरोप के बाजार में प्रवेश आसान बनाना।

इसी कारण, नई फंडिंग स्कीम्स को ‘इनोवेशन हब्स’ और ‘डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पार्टनरशिप’ के तहत वर्गीकृत किया गया है, जिसका मतलब है कि केवल बड़े कंपनियों को नहीं, बल्कि लघु‑से‑मध्यम स्तर की फर्में और रिसर्च टीमें भी पात्र हो सकती हैं।

2. किन‑किन सेक्टर्स में फंड का धांसू प्रवाह?

सभी सेक्टर्स में नहीं, बल्कि कुछ चुने हुए क्षेत्रों में फंड का बंटवारा किया जा रहा है। ये क्षेत्र भारत की प्राथमिकता और यूके की पारंगतता दोनों को ध्यान में रखकर चुने गये हैं।

2.1 एआई और मशीन लर्निंग (AI/ML)

यूके की स्टैनफ़र्ड‑ऑक्सफ़ोर्ड लिंक्स जैसी रिसर्च ग्रुप्स ने AI में अग्रणी भूमिका निभाई है। फंड इस दिशा में:

  • AI‑अधारित हेल्थकेयर डायग्नोस्टिक्स, ड्रग डिस्कवरी और पर्सनलाइज़्ड मेडिसिन
  • स्मार्ट सिचुएशन‑अवेयर सिटी समाधान (ट्रैफ़िक मैनेजमेंट, एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग)
  • फिनटेक में रियल‑टाइम फ्रॉड डिटेक्शन और अकाउंटिंग ऑटोमेशन

2.2 क्वांटम कंप्यूटिंग और हाई‑परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC)

यूके की सरकार क्वांटम रिसर्च में 1 बिलियन पाउंड की स्कीम चलाती है। इस सहयोग से भारत के आईआईटी, इन्स्टीट्यूट्स ऑफ़ टेक्नोलॉजी आदि को क्वांटम‑आधारित एल्गोरिद्म, साइबर‑सेक्योरिटी और मैटेरियल साइंस में फंड मिलेगा।

2.3 साइबर‑सेक्योरिटी और डेटा प्रोसेसिंग

डेटा‑ब्रिच और साइबर‑अटैक की बढ़ती चिंता को देखते हुए, दोनों देशों ने ‘सिक्योर डेटा इकोसिस्टम’ बनाया है। फंड का मुख्य फोकस:

  • एंड‑टू‑एंड एन्क्रिप्शन सॉल्यूशन्स
  • क्लाउड‑नेटिव सिक्योरिटी प्लेटफ़ॉर्म
  • डेटा प्राइवेसी‑कंप्लायंस टूल्स (GDPR + भारत‑डेटा प्रोटेक्शन एक्ट)

2.4 एग्रीटेक और क्लीनटेक

खेत‑खलिहान में IoT सेंसर, ड्रिप इरिगेशन और मेटरोलॉजिकल प्रेडिक्शन मॉडल पर फंड आवंटित होगा। साथ ही, ग्रीन एनर्जी (विंड, सोलर, हाइड्रोजन), कार्बन‑कैप्चर और रिसाइकलिंग तकनीक को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

2.5 एंटरटेनमेंट टेक और मेटावर्स

यूके की क्रिएटिव इंडस्ट्री और भारत की बड़ी यूज़र बेस को मिलाकर VR/AR, गेमिंग, डिजिटल एक्सपीरियंस प्लेटफ़ॉर्म पर इनोवेशन को तेज़ी से आगे बढ़ाया जायेगा। फंड में रिवेन्यू‑शेयर मोडेल, IP‑लाइसेंसिंग और ब्रीज‑इंटरफ़ेस डेवलपमेंट शामिल है।

3. फंडिंग मॉडल: ग्रांट, इक्विटी, और डेब्ट – क्या है आपका विकल्प?

सिर्फ एक ही फंडिंग पैटर्न नहीं, बल्कि कई विकल्प उपलब्ध हैं, जिससे स्टार्ट‑अप अपनी जरूरत के हिसाब से सही मॉडल चुन सके:

  • ग्रांट्स – बिना इक्विटी डिलेशन के फंडिंग, मुख्य रूप से रिसर्च‑प्रोजेक्ट्स, प्रोटोटाइप डेवलपमेंट और पायलट टेस्टिंग के लिए। यूके की Innovate UK से 250k पाउंड तक की अनुशंसा।
  • इक्विटी इन्भेस्टमेंट – दोनों देशों के वेंचर कैपिटल फंड (जैसे Sequoia India, Octopus Ventures) 5%‑25% इकोइक्विटी पर निवेश करेंगे, साथ में मेंटरशिप और इंट्रोडक्शन नेटवर्क।
  • कन्वर्टेबल डेब्ट – शुरुआती स्टेज में रिवेन्यू नहीं है तो कन्भर्टेबल नोट्स के माध्यम से 12‑18 महीनों में फंडिंग, और बाद में इक्विटी में बदलना।
  • को-इनवेस्टमेंट फंड – दो‑तरफ़ा साझेदारी में एक फंड बनाई जाएगी, जहाँ यूके और भारत दोनों के सार्वजनिक एवं प्राइवेट सेक्टर का 50‑50 योगदान होगा। इस फंड का मुख्य उद्देश्य स्केल‑अप फेज में फाइनेंसिंग देना है।

4. स्मार्ट एप्लीकेशन – स्टार्ट‑अप्स को कैसे पिच करें?

अब बात आती है असली कार्रवाई की। फंडिंग मिलने से पहले आपके पास एक आकर्षक पिच होनी चाहिए। नीचे कुछ प्रैक्टिकल टिप्स दी गई हैं:

  1. स्पष्ट वैल्यू प्रोपोजिशन: बताइए कि आपका प्रोडक्ट/सर्विस कौन‑सी समस्या हल करता है और क्यों यह यूके/इंर्वेस्टर्स के लिए आकर्षक है।
  2. डेटा‑ड्रिवन बिज़नेस मॉडल: रिवेन्यू चैनल, CAC (Customer Acquisition Cost) और LTV (Lifetime Value) जैसे मीट्रिक्स को स्पष्ट रूप से दिखाएँ।
  3. इको‑सिस्टम फिट: बताएँ कि आपका समाधान भारत‑यूके सहयोग के किन सेक्टर्स में फिटर है और कैसे यह दोनों देशों के नीतियों/रूल‑बुक्स के साथ संरेखित है।
  4. ट्रांसफ़रैबल स्किल्स: आपके टीम में कौन‑से एआई, क्वांटम या साइबर‑सेक्युरिटी के विशेषज्ञ हैं? यूके के पार्टनर संस्थानों के साथ पहले से कोई MOUs हैं?
  5. फेज‑वाईज़ रोडमैप: प्रोडक्ट विकास, पायलट टेस्ट, मार्केट एंट्री और स्केल‑अप के चरणों को टाइमलाइन के साथ प्रस्तुत करें।

एसी पिच आपके लिए न केवल फंडिंग के द्वार खोलती है, बल्कि यूके की कंपनियों के साथ स्ट्रैटेजिक अलायंस बनाने में भी मदद करती है।

5. एप्लिकेशन प्रोसेस: चरण-दर-चरण गाइड

फंडिंग की घोषणा के बाद, दो मुख्य पोर्टल्स खोल दिए गए हैं – UK‑India Tech Bridge Portal और Innovate India Grants Hub। यहाँ से आप अपनी एप्लिकेशन जमा कर सकते हैं। प्रक्रिया कुछ इस प्रकार है:

  1. प्रोफ़ाइल बनाना: कंपनी का बेसिक विवरण, टीम की शॉर्ट बायोग्राफी और प्रॉडक्ट का संक्षिप्त परिचय।
  2. डॉक्यूमेंट अपलोड: कंपनी के रजिस्ट्रेशन दस्तावेज़, IP‑पेटेंट/ट्रेडमार्क, फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स (पिछले 2 साल), और पिच डेक।
  3. सेक्टर चयन: ऊपर उल्लेखित 5 मुख्य सेक्टर्स में से एक या दो का चयन।
  4. फ़ंडिंग मॉडल चयन: ग्रांट/इक्विटी/डेब्ट में से विकल्प और वांछित राशि (कट‑ऑफ़ ₹2 crore‑₹30 crore)।
  5. एग्जिक्यूटिव समरी (2 पेज): समस्या, समाधान, बाजार, टीम, और फाइनेंशियल प्रोजेक्शन।
  6. समीक्षा चरण: पहली बार स्क्रीनिंग के बाद 2‑3 सप्ताह में फीडबैक। यदि शॉर्टलिस्टेड होते हैं तो पैनल इंटरव्यू और ड्यू‑डिलिजेंस।
  7. अंतिम डिलीवरी: समझौता साइन‑ऑफ़ और फंड ट्रांसफर (आमतौर पर 30-45 दिनों में)।

पूरी प्रक्रिया में ट्रांसपरेंसी और टाइटलाइन कंप्लायंस को प्राथमिकता दी गई है, इसलिए सभी दस्तावेज़ एन्क्रिप्टेड फ़ॉर्मेट में अपलोड करें और टाइम‑लाइन को कड़ाई से फॉलो करें।

6. सफल केस स्टडीज: अब तक के पहले पाँच चुने हुए प्रोजेक्ट्स

जल्द ही इस पहल के तहत पाँच पायलट प्रोजेक्ट्स को फंडिंग मिल चुकी है। इनके दिलचस्प पहलुओं को समझें:

  • AI‑स्वास्थ्य निदान (त्रिलोक हेल्थ): यूके के ओक्सफ़ोर्ड मेडिकल रिसर्च के साथ मिलकर एआई‑बेस्ड कैंसर स्क्रीनिंग टूल विकसित किया गया। फंड: £1.2 million।
  • क्वांटम‑आधारित एन्क्रिप्शन (क्लाउडशिल्ड टेक): क्वांटम‑सेफ़ कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल, 5 साल के लिए यूके के राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी को सॉल्यूशन सप्लाई। फंड: £800k ग्रांट + इक्विटी।
  • स्मार्ट फ़ार्म (ग्रीनफ्यूचर एग्रो): IoT‑सेंसर और ड्रिप इरिगेशन प्लेटफ़ॉर्म, यूके के क्लीववॉटर पार्टनरशिप के तहत फ़ंडेड। कुल फंड: £500k।
  • VR‑एड्यूकेशन (इमर्सिव लर्निंग इन्डिया): मेटावर्स‑आधारित हाई‑स्कूल विज्ञान कक्षाएं, यूके के हिस्ट्री ऑन्लाइन प्लेटफ़ॉर्म के साथ सहयोग। फंड: £350k ग्रांट।
  • डेटा‑प्राइवेसी सोफ़्टवेयर (प्रोटेक्टAI): GDPR‑कम्प्लायंट डेटा एन्हांसमेंट टूल, यूके के 10 बड़े फिनटेक्स को डिलीवर करने की योजना। फंड: £600k इक्विटी & कन्वर्टेबल देन।

इन केसों से हमें यह सिखने को मिलता है कि सही पार्टनर, सही सेक्टर और स्पष्ट वैल्यू प्रपोज़िशन के साथ फंड प्राप्ति के दरवाज़े आसानी से खुलते हैं।

7. इस बड़े सहयोग से भारतीय टेक इकोसिस्टम के लिए क्या मतलब?

सिर्फ फंडिंग से कहीं अधिक, यह सहयोग भारतीय स्टार्ट‑अप परिदृश्य को निम्नलिखित तरीकों से बदल देगा:

  • वैश्विक नेटवर्क एक्सपोज़र: यूके के एन्हांस्ड एंट्री पोर्टल्स के माध्यम से यूरोप, US और अन्य एशियन मार्केट्स में सीधे पहुँच।
  • टैक्निकल अपस्किलिंग: यूके के टॉप यूनिवर्सिटीज़ के साथ जॉयंट रिसर्च, इंटर्नशिप और फ़िल्ड ट्रेनों के मौके।
  • नियम‑अनुमति में प्रवीणता: यूरोपीय डेटा प्रोटेक्ट्शन, क्लीमेट‑फ़्रेंडली मानक, और साइबर‑सेक्योरिटी फ्रेमवर्क को भारतीय स्टार्ट‑अप्स में एम्बेड करने की ट्रेनिंग।
  • फंडिंग इकोसिस्टम में विविधता: पारंपरिक एंजल/वीसी फंडिंग के अलावा ग्रांट‑बेस्ड मॉडल, कॉ-इनवेस्टमेंट फंड और सरकारी‑प्रायोजित प्रोग्राम्स का उभरना।
  • बड़े‑पैमाने पर स्केल‑अप: फंड की मदद से प्रोटोटाइप से लेकर बड़े प्रोडक्ट रोल‑आउट तक के मध्य में “थ्रूपुट गैप” को कम करना।

संक्षेप में, यह सहयोग भारतीय टेक इकोसिस्टम को एक ग्लोबल प्लेयर के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

1. इस फंडिंग के लिए कौन‑सी कंपनियाँ पात्र हैं?
भारत में पंजीकृत प्राइवेट लिमिटेड, LLP या स्टार्ट‑अप (सेट‑अप डेट 31 Dec 2025 तक) जो AI, क्वांटम, साइबर‑सेक्योरिटी, एग्रीटेक, क्लीनटेक या मेनटेनेंस टेक में काम कर रहे हों। यूके आधारित कंपनियों के साथ जॉइंट वेंचर भी मान्य हैं।
2. फंडिंग की अधिकतम सीमाएँ क्या हैं?
ग्रांट्स के लिए £250k तक, इक्विटी/कन्वर्टेबल डेब्ट के लिए 5%‑25% इक्विटी और अधिकतम राजस्व‑आधारित फंडिंग ₹30 crore (लगभग £3 million) तक।
3. क्या फंड मिलने के बाद किसी विशेष रिपोर्टिंग या ऑडिट की आवश्यकता है?
हां। ग्रांट‑आधारित फंडिंग के लिए 6‑महीने में प्रोजेक्ट प्रोग्रेस रिपोर्ट, और 12 महीने में फाइनल एग्जीक्यूटिव रिपोर्ट आवश्यक है। इक्विटी/डेब्ट फ़ंडिंग में वित्तीय ऑडिट और क्वार्टरली बोर्ड मीटिंग्स होती हैं।
4. मैं यूके की किसी यूनिवर्सिटी के रिसर्चर को अपने स्टार्ट‑अप में कैसे शामिल करूँ?
यूके‑इंडिया इन्क्यूबेशन प्रोग्राम के तहत “को‑डिज़ाइन” मॉड्यूल है। इसमें आप रिसर्चर को पर्ट‑टाइम कंसल्टेंट या इंटर्न के रूप में जोड़ सकते हैं; इसके लिए वैकल्पिक मेंटरशिप फ़ी और स्टाइपेंड की व्यवस्था की जाती है।
5. क्या यह सहयोग केवल तकनीकी सॉल्यूशन्स तक सीमित है या सामाजिक/पर्यावरणीय प्रोजेक्ट्स को भी मान्यता मिलेगी?
सभी फोकस्ड सेक्टर्स में “सस्टेनेबल इम्पैक्ट” को मानक मापदंड माना गया है। एग्रीटेक और क्लीनटेक में पर्यावरणीय लाभ को स्पष्ट रूप से दर्शाना अनिवार्य है।
6. क्या मौजूदा फंडिंग (एंजल/वीसी) को इस नई स्कीम में जोड़ना संभव है?
बिल्कुल। अधिकांश फंडिंग मॉडल “को‑इंवेस्ट” की अनुमति देते हैं, बशर्ते शेयरहोल्डिंग्स में कुल 30% से अधिक इक्विटी नहीं हो।
7. इस सहयोग के तहत किन-किन यूके कंपनियों के साथ साझेदारी की संभावनाएँ हैं?
टॉप यूके टैक फ़र्म जैसे DeepMind, ARM, Ocado, Sage, BT Group, Rolls‑Royce और कई यूके‑आधारित बायोटेक इन्स्टीट्यूट्स की साझेदारी सम्भव है। सबसे पहले “पार्टनर फ़ाइंडर” डैशबोर्ड में अप्लाइ कर सकते हैं।

निष्कर्ष: इंतजार न करें, अभी जुड़ें!

भारत‑यूके टेक सहयोग एक “सिर्फ घोषणात्मक” इवेंट नहीं है; यह एक जमीनी स्तर की, फंड‑ड्रिवन पहल है जो हमारे स्टार्ट‑अप्स को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए तैयार की गयी है। आप चाहे AI‑स्लूड इनोवेटर हों, क्वांटम‑रिसर्चर, या फिर एग्रीटेक‑प्लाईनिंग में नई दिशा खोज रहे हों – इस मौके का पूरा लाभ उठाकर आप न सिर्फ फंडिंग मांगी गए प्रोजेक्ट्स के लिए प्राप्त करेंगे, बल्कि एक मजबूत अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क भी बना पाएँगे।

पहला कदम उठाएँ: UK‑India Tech Bridge Portal पर आज ही रजिस्टर करें, अपना पिच डेक अपलोड करें, और अगले 30 दिनों में आपके प्रोजेक्ट की प्री‑सेलेक्शन की सम्भावना बढ़ती है। याद रखें, तेज़ी और स्पष्टता ही इस जॉरी में जीत की कुंजी हैं।

यदि आपको इस लेख में कोई सवाल है या आप अपनी स्टार्ट‑अप प्रोफ़ाइल शेयर करना चाहते हैं, तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें या contact@itshindi.in पर संपर्क करें। हम आपके साथ मिलकर इस नई यात्रा को सफल बनाना चाहते हैं!

इंटरेस्टेड? अभी रजिस्टर करें, फंड लूटें और अपने टेक सपनों को अंतर्राष्ट्रीय मुकाम तक ले जाएँ!

इसे शेयर करें:
WhatsApp पर शेयर करें Facebook पर शेयर करें X (Twitter) पर शेयर करें Telegram पर शेयर करें
Ikshita Sharma

Ikshita Sharma

इस लेखक ने अभी तक अपना परिचय नहीं दिया है।

Ikshita Sharma की सभी पोस्ट देखें →

🔗 संबंधित खबरें

भारत‑फ्रांस ने एंड्रॉइड‑टिंकरींग लैब पुल लॉन्च किया: स्कूलों में नवाचार को मिलेगी नई ऊँचाई
टेक्नॉलजी समाचार

भारत‑फ्रांस ने एंड्रॉइड‑टिंकरींग लैब पुल लॉन्च किया: स्कूलों में नवाचार को मिलेगी नई ऊँचाई

15 Jun 2026
📰
टेक्नॉलजी समाचार

इथेनॉल से चलने वाली गाड़ियों पर सरकार ने दी हरी ज्वाला! 8 कंपनियों को मिला बड़ा नोटिस

📰
टेक्नॉलजी समाचार

Samsung Galaxy S26 Ultra की कीमत में 19% घातक गिरावट! अब खरीदें सबसे कम दाम पर

टिप्पणी करें रद्द करें

आपका ईमेल प्रकाशित नहीं होगा। आवश्यक फ़ील्ड * से चिह्नित हैं।

Post navigation

← पिछली खबरPM मोदी स्लोवाकिया पहुंचे: ब्रेड‑नमक से स्वागत, 33 साल में पहली बार का ऐतिहासिक दौरा
अगली खबर →भारत‑फ्रांस ने एंड्रॉइड‑टिंकरींग लैब पुल लॉन्च किया: स्कूलों में नवाचार को मिलेगी नई ऊँचाई

🔥 ट्रेंडिंग खबरें

  1. 1
    अभिनंदन1 May 2024
  2. 2
    Airbnb के सीईओ ब्रायन चेस्की ने चलाया नया AI लैब – जानें क्या होगा तकनीकी क्रांति का नया अध्याय5 Jun 2026
  3. 3
    ‘Peddi’ में जाह्नवी का ऑब्जेक्टिफिकेशन? अभिनेत्री ने उठाए सवाल, दर्शकों की तीखी प्रतिक्रिया!5 Jun 2026
  4. 4
    e.l.f. Beauty के CEO ने $822,158 के शेयर बेचे, क्या इसका असर आपके निवेश पर पड़ेगा?6 Jun 2026
  5. 5
    हैदराबाद में पेट्रोल टैक्स ने बना दिया ड्राइवरों को सबसे भारी बोझ – जानिए क्यों और कब तक रहेगा यह संकट6 Jun 2026

📂 श्रेणियाँ

  • वायरल और ट्रेंडिंग समाचार (155)
  • टेक्नॉलजी समाचार (81)
  • व्यक्तिगत वित्त (34)
  • एआई टूल्स और तकनीक (19)
  • डेटाबेस मेनेजमेंट सिस्टम (14)
  • साइबर सुरक्षा (12)
  • बॉलीवुड मनोरंजन (11)
  • विंडोज टिप्स (8)
  • Excel/ गूगल Sheets (5)
  • स्थानीय समाचार (4)
  • 📧

    न्यूज़लेटर से जुड़ें

    हर रोज़ ताज़ा खबरें सीधे आपके ईमेल पर पाएं।

    हिंदी में हिंदी के लिए

    हम आपके लिए देश-विदेश की ताज़ा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बहुत कुछ लेकर आते हैं।

    🔗 त्वरित लिंक

    • 🏠 होम
    • ℹ️ हमारे बारे में
    • 📬 संपर्क करें
    • 🔒 गोपनीयता नीति
    • 🗺️ साइटमैप

    📰 ताज़ा खबरें

    • भारत‑फ्रांस ने एंड्रॉइड‑टिंकरींग लैब पुल लॉन्च किया: स्कूलों में नवाचार को मिलेगी नई ऊँचाई
      भारत‑फ्रांस ने एंड्रॉइड‑टिंकरींग लैब पुल लॉन्च किया: स्कूलों में नवाचार को मिलेगी नई ऊँचाई 📅 15 Jun 2026
    • भारत-यूके टेक सहयोग की बड़ी घोषणा! जानिए कौन से क्षेत्रों में मिलेंगे फंड और स्टार्टअप बूस्ट
      भारत-यूके टेक सहयोग की बड़ी घोषणा! जानिए कौन से क्षेत्रों में मिलेंगे फंड और स्टार्टअप बूस्ट 📅 15 Jun 2026
    • PM मोदी स्लोवाकिया पहुंचे: ब्रेड‑नमक से स्वागत, 33 साल में पहली बार का ऐतिहासिक दौरा 📅 15 Jun 2026
    • इथेनॉल से चलने वाली गाड़ियों पर सरकार ने दी हरी ज्वाला! 8 कंपनियों को मिला बड़ा नोटिस 📅 15 Jun 2026
    • Samsung Galaxy S26 Ultra की कीमत में 19% घातक गिरावट! अब खरीदें सबसे कम दाम पर 📅 15 Jun 2026
    © 2026 हिंदी में हिंदी के लिए — सर्वाधिकार सुरक्षित
    गोपनीयता · साइटमैप · संपर्क